
सागर। वंदे भारत लाईव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी,8225072664- व्यंग “कर्म योग
हमारे मोहल्ले में एक महान “कर्म योगी” हैं — नाम नहीं लेंगे, पर काम सबको पता है। सुबह 5 बजे उठकर फेसबुक पर स्टेटस डालते हैं:
“आज फिर सूरज से पहले जाग गया, कर्म ही पूजा है।”
फिर चाय की दुकान पर जाकर तीन घंटे तक चाय, राजनीति और पड़ोसियों की निंदा करते हैं — आखिर कर्म करना है ना, तो ज़ुबान से ही सही!
उनका सिद्धांत है:
“खुद काम मत करो, दूसरों को काम में व्यस्त रखो – यही असली कर्म योग है।”
घर पर पत्नी झाड़ू लगा रही हो, तो वे ध्यान मुद्रा में बैठ जाते हैं – “मैं ऊर्जा भेज रहा हूँ तुम्हारे कर्म में, तुम भाग्यवती हो।”
ऑफिस में जाते हैं तो कुर्सी की गर्मी से ज्यादा उन्हें कर्म का ताप लगता है, इसलिए फाइल देखकर ही थक जाते हैं — फिर कर्मचारियों को मोटिवेशनल स्पीच देकर खुद लंच पर निकल जाते हैं।
हर शाम को योगासन करते हुए वीडियो बनाते हैं, ताकि लोग जान सकें कि ये सिर्फ “कर्म” नहीं करते, उसे प्रसारित भी करते हैं।
(क्या फ़ायदा अगर दुनिया को पता ही न चले कि आप कर्म कर रहे हो?)
और अगर कोई पूछ ले कि आपने असल में आज किया क्या है, तो मुस्कराकर कहते हैं:
“मैंने तो मन से कर्म किया है, फल की चिंता नहीं…”
(क्योंकि फल कोई और खा ही लेता है!)









